Blogging Myths

Top 13 Basic Blogging Myths In Hindi: जो आपको जानना चाहिए

हेल्लो दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में जानेंगे Unknown Blogging Myths के बारे में, जो आपको जरूर जानने चाहिए।

ब्लॉगिंग एक बहुत ही अच्छा ऑनलाइन मार्केटिंग और अपने बिजनेस को लोगो के सामने ले जाने का अच्छा तरीका है। ब्लॉगिंग से आप अच्छी कमाई भी कर सकते है।

में पिछले तीन साल से ब्लॉगिंग कर रहा हूं। बहुत से ब्लॉगर के साथ मैंने एक content writer के तौर पर काम किया तो कुछ ब्लॉगर के साथ मैंने कंसल्टेंट का काम भी किया।

जब भी में कोई नए ब्लॉगर से मिलता हूं तो उनके मन में बहुत से गलत Blogging Myths होती है।

आज में उस टॉपिक पर आर्टिकल लिखने जा रहा हूं जो मैंने खुद पिछले तीन सालों में मै खुद बहुत से myth को फॉलो कर रहा था।

आज में उसी के बारे में बताने जा रहा हूं। जिसे पढ़कर आप भी अपने आप पर हसने लगेगे।

आइए इस लिस्ट में दिए गए blogging myths को एक-एक करके जानते है।

Blogging Myths
Blogging Myths In Hindi

Table of Contents

Top Unknown Blogging Myths In Hindi

1. Blogging में सफल होने के लिए किस्मत का होना भी जरूरी है।

बहुत से लोग आज भी अपना भविष्य किस्मत के भरोसे बैठे रहते है। बहुत से ब्लॉगर का भी ऐसा मानना है कि ब्लॉगिंग में सक्सेस पाने के लिए किस्मत का होना जरूरी है।

लेकिन ऐसा नहीं है।

आज जितने भी सक्सेसफुल ब्लॉगर है चाहे वो हर्ष अग्रवाल हो या फिर अनिल अग्रवाल!

उन्होंने भी अपना ब्लॉग बनाने के लिए सालों कि महेनत की है तब जाकर आज वे यहां तक पहुंचे है।

आपको भी अपने ब्लॉग को सक्सेसफुल बनाने के लिए अपने आप पर भरोसा, स्किल और कुछ ना कुछ एक्शन तो लेना होगा।

एक ब्लॉग को सक्सेसफुल बनाने के पीछे luck, किस्मत का कोई संबंध नहीं है।

2. ब्लॉगिंग एक quick तरीका है ऑनलाइन पैसा कमाने का।

बहुत से यही समझ कर आते है कि आज हमने ब्लॉगिंग स्टार्ट किया और कल से या महीने के बाद हम पैसा कमाने लगेगे।

अगर आप भी इसी सोच के साथ ब्लॉगिंग स्टार्ट कर रहे है तो आपको पहले ही बता दू कि ब्लॉगिंग आपके लिए नहीं है।

में ऐसा नहीं कहता हूं कि ब्लॉगिंग से पैसे नहीं कमाया जाता है।

लेकिन एक ब्लॉग से पैसे कमाने के लिए आपको उसको टाइम और पैसा देना पड़ता है।

3. एक ब्लॉग बनाने के लिए आपको कोडिंग की मास्टरी होनी चाहिए।

जब भी कुछ ऐसे लोगो से मिलता हूं जिन्होंने अभी तक ब्लॉग ही स्टार्ट नहीं किया है, वे सब यही मानते है कि एक वेबसाइट या ब्लॉग स्टार्ट करने के लिए आपको कोडिंग की मास्टरी होनी चाहिए।

बल्कि सच्चाई यह है कि आज के समय में एक ब्लॉग को बनाने के लिए आपको कोडिंग की जरूरत नहीं है।

वैसे हमने पहले भी बताया है कि कैसे आप वर्डप्रेस की मदद से अपना ब्लॉग बना सकते है। अगर नहीं पढ़ा है तो एकबार जरूर पढ़े।

एक बात यह भी है कि आपको कभी कभार html और css की जरूरत पड़ सकती हैं। लेकिन आपको नहीं आती है तो आप किसी फ्रीलांसर को hire कर सकते है।

4. आपको हररोज एक ब्लॉगपोस्ट पब्लिश करनी होती है।

बहुत से ऐसे ब्लॉगर है जो हररोज ब्लॉग पोस्ट को पब्लिश नहीं करते है। अगर आपकी न्यूज वेबसाइट है तो आपको हररोज पोस्ट पब्लिश करनी होती हैं।

कुछ प्रोफेशनल ब्लॉगर है जो हर महीने केवल एक लंबी पोस्ट लिखते हैं।

हरेक न्यू ब्लॉगर को अपना अपना एक टाइम टेबल बनाना होगा। जैसे कि मै एक week में सिर्फ 2 ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करता हूं या फिर 3 या 4 अपडेट करता हूं।

आपके ब्लॉग में क्वालिटी कंटेंट को वैल्यू है। अगर आप हररोज ब्लॉग पोस्ट पब्लिश नहीं कर पाते है तो अपनी पुरानी पोस्ट को अपडेट तो जरूर करे।

जो आपके ब्लॉग के लिए अच्छा है और seo रैंकिंग में भी आपको फर्क दिखेगा।

क्योंकि गूगल फ्रेश कंटेंट को ज्यादा पसंद करता है।


5. ब्लॉग को बनाने के लिए बहुत सारे पैसे इन्वेस्ट करने होते है।

ये भी बहुत बड़ा Blogging Myths है कि एक वेबसाइट बनाने के लिए या ब्लॉग बनाने के लिए आपको बहुत सारे पैसे इन्वेस्ट करने होते है!

जी हां एक समय था तब यह बात सच थी।

लेकिन आज के समय में यह बात सही नहीं है। आप आराम से 5000 के आसपास अपना ब्लॉग बना सकते है, अगर आप अच्छी होस्टिंग और प्रीमियम थीम ले तो।

6. ब्लॉगिंग में ज्यादा कुछ सीखने की जरूरत नहीं है।

बहुत सारे ऐसी स्किल हैं जो आपको नियमित रूप से सीखते रहना हैं जब आप ब्लॉग स्टार्ट करते हैं।

जैसे कि कंटेंट राइटिंग स्किल, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, और मार्केटिंग से जुड़ी जानकारी आपको हररोज जाननी जरूरी है।

साथ ही साथ आपका जो ब्लॉगिंग टॉपिक है उसके बारे में हररोज या फिर को भी नई अपडेट आती है उसको जानने की जरूरत है।

अगर में अपनी बात करू तो जैसे कि आप सब जानते है कि मै एक content writing कि सर्विस देता हूं।

ऐसे में मै हररोज अपनी सर्विस से जुड़ी जानकारी जैसे कॉपीराइटिंग, ईमेल राइटिंग, ब्लॉग राइटिंग इत्यादि की प्रैक्टिस करता हूं।

आज के समय में सिर्फ इसी कि वजह से मुझे कंटेंट राइटिंग का काम भी मिलता है।

तो ऐसे ही आपको हररोज अपनी फील्ड से जुड़ी जानकारी से अपडेट रहना चाहिए।

अगर आप अपने ब्लॉग से डिजिटल मार्केटिंग का काम करते है तो आपको अपने ब्लॉग पर नई अपडेट पब्लिश करनी चाहिए।

7. हम जो ब्लॉगपोस्ट लिखते है वो लम्बी होनी चाहिए।

बहुत से ब्लॉगर यही ब्लॉगिंग myth में रहते है की वो को आर्टिकल लिखते है वो एक लम्बी होनी चाहिए।

और लंबे लंबे आर्टिकल लिखने के चक्कर में परेशान हो जाते है, बाद में ब्लॉगिंग रेगुलर नहीं कर पाते है।

लंबे आर्टिकल होना यह जरूरी नहीं है। गूगल में बहुत से ऐसे आर्टिकल रैंक है जो छोटे है और उसके नीचे लंबे आर्टिकल रैंक है।

अगर आप मार्केटिंग के गुरु Seth Godin के ब्लॉग पोस्ट को देखेंगे तो वो बहुत छोटी होती है।

वहीं दूसरी ओर आप Neil Patel के ब्लॉग को देखेगे तक उनके आर्टिकल भी बहुत लंबे होते है।

लेकिन seth godin के ब्लॉग पर भी अच्छा ट्रैफिक आता है। आपके आर्टिकल छोटे या बड़े होने से फर नहीं पड़ता है,बल्कि आपके कंटेंट में uniqueness और consistency से फर्क पड़ता है।

8. जब आप नई पोस्ट पब्लिश करेगे तो तुरंत ट्रैफिक आने लगेगा।

आप दिन में चाहे 10 ब्लॉग पोस्ट पब्लिश कर दे लेकिन आपका मार्केटिंग स्किल या कंटेंट में दम नहीं है तो शायद ही आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक आए।

यह जरूरी नहीं है कि जब भी आप ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करे और तुरंत ट्रैफिक आने लगे।

कुछ ब्लॉग होते है जो कम समय में बहुत तेजी के साथ grow हो जाता है।

वहीं दूसरी ओर कुछ ब्लॉग होते है जो धीरे धीरे grow होते है।

अगर में अपने ब्लॉग InHindiHub की बात करू तो यह ब्लॉग धीरे धीरे बढ़ रहा है।

ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने के लिए उसको लोगो के समाने ले जाना भी पड़ता है मतलब मार्केटिंग।

कुछ लोग होते है जो अपने ब्लॉग को लोगो के सामने सोशल मीडिया पर प्रमोट करने से डरते है और सोचते है कि जब में ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करूगा तो ट्रैफिक आएगा।

9. आपको हरेक सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना होगा।

जब भी आप ब्लॉग बनाए तो यह जरूरी नहीं है कि आपको सभी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहे।

शुरुआत में आप सिर्फ 2 या 3 सोशल मीडिया पर एक्टिव करे। आपको कम से में 3 से 4 महीने तक एक सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना होगा।

अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कंटेंट पब्लिश करे। जिस प्लेटफॉर्म पर आपको ज्यादा response मिलता है, आप उस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ज्यादा एक्टिव रह सकते है।

अगर में अपनी बात करू तो मेरा टॉपिक है Blogging और कंटेंट राइटिंग

ऐसे में मेरे लिए फेसबुक और लिंकडिन बहुत ही ज्यादा response मिलता है। लेकिन उसमे भी मुझे सबसे ज्यादा रेस्पॉन्स फेसबुक पर मिलता है तो ऐसे में फेसबुक पर ज्यादा एक्टिव हूं।

इस तरह आप भी रिसर्च कर के देख सकते है।

10. हमे एक अच्छा writer होना चाहिए।

एक ब्लॉग स्टार्ट करने के लिए और उसके बाद चलाने के लिए एक आपको कंटेंट राइटिंग आना चाहिए। लेकिन इसके बावजूद अगर आप कंटेंट राइटिंग में अच्छे नहीं है तो भी आप blog start कर सकते है।

अगर मै अपनी बात करू, तो मै भी कोई प्रोफेशनल राइटर नहीं हूं। ( आपको मेरा कंटेंट राइटिंग स्किल्स कैसा लगा प्लीज कॉमेंट में जरूर बताना।)

जैसा मैंने आपको पहले ही उपर बताया कि मै हररोज कंटेंट राइटिंग स्किल्स को improve करने के लिए प्रेक्टिस करता हूं।

आप भी मेरी तरह कर सकते है।

जैसे जैसे आप कंटेंट लिखते जायेगे आपको स्किल रोज रोज सुधार दिखेगा।

कंटेंट राइटिंग blogging में एक महत्वपूर्ण स्किल है, जो आपको आना चाहिए।

11. जितना ज्यादा ट्रैफिक इतना ज्यादा पैसा!

बहुत से नए ब्लॉगर में मैंने यह Blogging Myths को common देखा है कि वह ज्यादातर यही सोचते है की जितना ज्यादा ट्रैफिक ब्लॉग पर आएगा इतना ज्यादा पैसा हम कमाएंगे।

जो सही नहीं है। ज्यादातर चीज मैंने हिन्दी ब्लॉगर में देखी है। आज हिन्दी ब्लॉगर कम्युनिटी में बहुत से ऐसे ब्लॉगर है जो शुरुआत किसी एक टॉपिक पर करते है, लेकिन जैसे जैसे समय बीतता है वे ज्यादा ट्रैफिक पाने के लालच में दूसरे टॉपिक पर भी कंटेंट लिखते है।

बहुत से ऐसे ब्लॉगर है जिन पर लाखों में ट्रैफिक आती है लेकिन वे अच्छी कमाई नहीं कर पा रहे है।

वहीं दूसरी कुछ Micro Niche Blogger होते है। जो काम ट्रैफिक में भी उनसे अच्छी कमाई करते है।

ऐसा क्यों?

क्योंकि जो माइक्रो ब्लॉगिंग है उसमे ट्रैफिक टारगेटेड होता है। और मिक्स ट्रैफिक के बजाय टारगेटेड ट्रैफिक में आप अच्छी कमाई कर सकते है। वह भी कम ट्रैफिक के अंदर भी।

अगर आप भी यह मानते है कि ज्यादा ट्रैफिक आएगा तो ज्यादा कमाई होगी तो ये आपका एक Blogging Myths है।

12. ट्रैफिक पाने के लिए हररोज अलग अलग तरीके अपनाने चाहिए।

बहुत से लोगो को देखा गया है कि ट्रैफिक पाने के लिए हररोज अलग अलग तरीके अपनाते है।

ऐसा करने से आप बहुत कुछ खो रहे है।

किसी भी तरीके को अपनाने से लेकर उसके रिजल्ट को देखने के लिए उसको कम से कम 90 दिन का समय जरूर दीजिए।

अगर में अपनी बात करू तो मेरे ब्लॉग पर ज्यादातर ट्रैफिक गेस्ट ब्लॉगिंग से आता है। मैंने पिछले 3 महीनों से बहुत ही कम गेस्ट पोस्ट की है, फिर भी उससे मेरे ब्लॉग पर अच्छा रिजल्ट दिखाई देने लगा है।

आप भी गेस्ट ब्लॉगिंग कर सकते है। अगर आप InHindiHub ब्लॉग पर भी Guest Post Published कर सकते है।

13. ब्लॉगिंग फ्री है।

अगर आप सोच रहे है कि ब्लॉगिंग फ्री है तो आप गलत सोच रहे है।

क्योंकि जब भी आप ब्लॉगिंग स्टार्ट करते है तो शुरुआत में आपको डोमेन नाम और होस्टिंग के लिए थोड़ा सा इन्वेस्ट करना पड़ता है।

अगर आप आगे और tool buy करना चाहे जैसे कि keyword research tool, email marketing tool etc तो आपको पैसा लगाना पड़ सकता है।

ब्लॉगिंग फ्री है यह सोचना आपके लिए ये भी एक blogging myths है।

Top Blogging Myths In Hindi: Final Conclusion

So Friends आज के इस आर्टिकल में आपने जाना कि कुछ ऐसे अनजानी गलतफहमी या Blogging Myths जिसको शायद आप भी अनजाने में फॉलो कर रहे होगे।

दोस्तो अगर अभी भी कोई ऐसे ब्लॉगिंग मिथ्या है जो इस लिस्ट में बाकी है तो नीचे कॉमेंट बॉक्स में जरूर बताए।

दोस्तो अगर आपको इस आर्टिकल से जुड़े कोई सवाल है तो नीचे कॉमेंट बॉक्स में जरूर बताए।

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